UP Board Exam 2026 Copy Checking: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के माध्यम से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा जल्द समाप्त होगी। उत्तर पत्रिकाओं का जांच के लिए तैयारियां शुरू हो चुका है। वाराणसी जिले में 19 मार्च से कॉपियों का जांच का कार्य शुरू होगा। जिसके लिए जिले में चार मूल्यांकन केंद्र को बनाया गया है। बड़ी संख्या में शिक्षकों का ड्यूटी लगाया जाएगा। इस बार व्यवस्था थोड़ा अलग तरीके से लागू रहने वाला है। ताकि कम समय में ज्यादा कांपियो का जांच पूरी हो पाए तमाम अधिकारियों के आधार पर एक परीक्षा को औसतन लगभग 10 मिनट में काफी जाचना पड़ेगा। जिले में इस बार दो नया मूल्यांकन जोड़ दिया गया है। अनुमान यह है कि दूसरे मंडलों से भी बड़ी संख्या में कॉपियां वाराणसी भेज दिया जाएगा। जिसकी जांच यहां होगी शिक्षक विभाग के आधार पर लगभग ढाई हजार से अधिक परीक्षक इस कार्य में लगाए जाने वाले हैं। जिससे तय समय में पूरा मूल्यांकन का कार्य आसानी से पूरा हो पाए।
यूपी बोर्ड कॉपियों की चेकिंग 19 मार्च से होने जा रही शुरू
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के माध्यम से बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होते हुए 12 मार्च तक चलेगी। परीक्षा खत्म हो जाने के बाद 19 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं का जांच का कार्य शुरू होगा। जिला विद्यालय निरीक्षक के आधार पर कापियों की जांच का जो यह कार्य है करीब 15 दिनों तक चलने वाला है। इस दौरान सुबह 9:00 बजे से लेकर 5:00 बजे तक मूल्यांकन होगा वाराणसी जिले में इस बार 118 परीक्षा केंद्र पर कुल 90298 छात्रों ने बोर्ड की परीक्षा को दिया है। जिसमें हाई स्कूल के 40074 छात्र छात्राएं हैं और इंटरमीडिएट के 44218 छात्र सम्मिलित है परीक्षा खत्म हो जाने के बाद कापियों का मूल्यांकन केंद्र पर भेजना शुरू हो जाएगा। ताकि समय में उसकी जांच की प्रक्रिया शुरू हो पाए।
वाराणसी जिले में चार मूल्यांकन केंद्र को बनाया गया
यूपी बोर्ड की कॉपियों की जांच हेतु वाराणसी में कुल चार अलग-अलग मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। शिक्षा विभाग के द्वारा जिन संस्थाओं को इस हेतु चुना गया है उनमें पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज व निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज व भारतीय शिक्षा मंत्री इंटर कॉलेज वीपी मेहता इंटर कॉलेज सम्मिलित यहां पर है। बता दिया जाता है इन चार केंद्रों में से दो केंद्र इस बार नया बनाया गया है। निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज व जेपी मेहता इंटर कॉलेज का पहली बार मूल्यांकन केंद्र बना दिया गया। वहीं बाकी दो केंद्र पहले भी इस काम हेतु इस्तेमाल किया जाता रहा है। विभागों का यह कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर कापियां सुरक्षित रखने से रखा जाएगा और शिक्षकों को बैठने का जो व्यवस्था जो अलग से रखा जाएगा जिससे जांच का कार्य बिना किसी रिकॉर्ड के आसानी से हो पाए।
जिले में साढ़े 4 लाख कांपियो का है अनुमान
शिक्षा विभाग के अधिकारी के आधार पर इस बार वाराणसी में मूल्यांकन केंद्रों पर काफी बड़ी संख्या में कॉपियां आएंगी अनुमान यह लगाया जा रहा है कि दूसरे मंडलों से करीब साढे चालक उत्तर पुस्तिका जांच हेतु भेजा जाने वाला है और इतनी बड़ी संख्या में कापियों की जांच हेतु करीब 2500 से ज्यादा शिक्षकों को परीक्षा के रूप में तैनात किया जाएगा। इन परीक्षाओं को अलग-अलग विषयों के अनुसार केंद्रों पर तैनात किया जाने वाला है। व्यवस्था इस तरह बनाया गया है कि दो केंद्रों पर इंटरमीडिएट की कॉपियां जांच किया जाएगा। जबकि दो केंद्रों पर हाई स्कूल का कॉपियां जांची जाने वाली है इससे काम का जो दबाव है वह सन्तुलित रहने वाला है और तय समय भीतर मूल्यांकन का कार्य शुरू हो पाएगा।
1 दिन में निर्धारित संख्या में कॉपियों का मूल्यांकन करेंगे परीक्षक
जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से यह कहा गया है कि बोर्ड के माध्यम से कवियों का जांच हेतु साफ व्यवस्था तय किया गया है। जिसके तहत हर परीक्षा को सीमित संख्या में कॉपियां दिया जाता है ताकि जहां से सही तरीके से हो पाए हाई स्कूल के संबंध में बात कर लिया जाए तो एक शिक्षक को 50 कॉपियां जाचने का लक्ष्य दिया गया है वहीं इंटरमीडिएट में संख्या शिक्षकों हेतु 45 का लक्ष्य तय किया गया। अधिकारियों के आधार पर देखा जाए तो औसतन एक कॉपी की जांच लगभग 10 मिनट में पूरा करना पड़ता है तो इसके साथ यह नियम है कि दी गई कॉपियों का जो आधा हिस्सा है जांच करते हुए नंबर दर्ज नहीं किया जाता तब तक अगला सेट नहीं दिया जाता जिससे रिकॉर्ड ठीक रखने में ज्यादा परेशानी नहीं होती है।
मूल्यांकन केंद्रों पर सख्त निगरानी व व्यवस्था सख्त
कॉपियों की चेकिंग के दौरान निगरानी हेतु काफी कड़ी व्यवस्था किया गया है। पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में एक कंट्रोल रूम बनाए जाने वाला है। जहां से सभी मूल्यांकन कक्षा पर रखा जाने वाला है जिसके लिए 15 दिनों तक अलग-अलग सेट में कर्मचारियों का ड्यूटी लगाया जाएगा। वहीं हर केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट का तैनाती होगा। ताकि पूरा प्रक्रिया नियमों के आधार पर हो बोर्ड के माध्यम से पर्यवेक्षक की नियुक्तियां होंगी। जो समय-समय पर व्यवस्था की जांच करने वाले हैं। अधिकारियों ने यह कहा है कि कॉपियों की जांच शुरू होने के पहले परीक्षा को मॉडल कॉपियां दिखाई जाने वाला है। ताकि उन्हें जांच की प्रक्रिया समझाया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान जितने भी परीक्षक है वह अपना मोबाइल फोन को आफ़ रखना पड़ेगा ताकि का कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा ना आए और कार्य पूरी तरीके से पारदर्शी प्रक्रिया से पूरा हो।